Monday, March 24, 2014

Wednesday, July 10, 2013

कल की चिंता में आज को न है खोना
पल यही सच है, इसे अपनाकर है जीना
कुछ वादें कुछ इरादे हैं
कुछ कसमें कुछ किस्से हैं
हर हाल में हमें है निभाना
कल की चिंता में आज को न है खोना
पल यही सच है ,इसे अपनाकर है जीना
सारे गम को है भूलना
पल ख़ुशी के है बांटना
हर हाल में हम को है संबलना
कल की चिंता में आज को न है खोना
पल यही सच है ,इसे अपनाकर है जीना
छाप अपनी है छोड़ना
हर दिल को है जितना
कर्म भूमि है ये, कुछ बनकर ही है जाना
कल की चिंता में आज को न है खोना
पल यही सच है ,इसे अपनाकर है जीना
....नरेश पल्लाटी .0 -7-2013

Friday, June 28, 2013





group exhibition 1980 chithrakala parishath bangalore.

Saturday, February 28, 2009

Monday, February 23, 2009

hare krishna hare krishna krishna krishna hare hare

hare rama hre rama rama ram hare hare.

kavita

तू ही तू है सबकुच तू है

शून्य है ये जग तेरे भीना

तेरा ही सब तुजको ही अर्पण

मेरा क्या और ये मै क्या।