Wednesday, July 10, 2013

कल की चिंता में आज को न है खोना
पल यही सच है, इसे अपनाकर है जीना
कुछ वादें कुछ इरादे हैं
कुछ कसमें कुछ किस्से हैं
हर हाल में हमें है निभाना
कल की चिंता में आज को न है खोना
पल यही सच है ,इसे अपनाकर है जीना
सारे गम को है भूलना
पल ख़ुशी के है बांटना
हर हाल में हम को है संबलना
कल की चिंता में आज को न है खोना
पल यही सच है ,इसे अपनाकर है जीना
छाप अपनी है छोड़ना
हर दिल को है जितना
कर्म भूमि है ये, कुछ बनकर ही है जाना
कल की चिंता में आज को न है खोना
पल यही सच है ,इसे अपनाकर है जीना
....नरेश पल्लाटी .0 -7-2013

Friday, June 28, 2013





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